Republic Day

India • January 26, 2026 • Monday

23
Days
18
Hours
07
Mins
08
Secs
until Republic Day
Asia/Kolkata timezone

Holiday Details

Holiday Name
Republic Day
Country
India
Date
January 26, 2026
Day of Week
Monday
Status
23 days away
About this Holiday
India's Republic Day marks the anniversary of the adoption of the Indian constitution. It is an annual gazetted holiday in India on January 26.

About Republic Day

Also known as: गणतंत्र दिवस

भारत का गणतंत्र दिवस: एक व्यापक मार्गदर्शिका

गणतंत्र दिवस भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है, जो हर साल 26 जनवरी को पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति के साथ मनाया जाता है। यह वह दिन है जब सन् 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था और भारत आधिकारिक तौर पर एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना था। यह केवल एक अवकाश का दिन नहीं है, बल्कि यह उस लंबी यात्रा का सम्मान है जो भारत ने ब्रिटिश शासन की दासता से निकलकर एक स्वतंत्र और आत्म-शासित राष्ट्र बनने तक तय की। यह दिन हमें हमारे लोकतंत्र की शक्ति, विविधता में एकता और हमारे संविधान द्वारा प्रदान किए गए मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है।

भारत के गणतंत्र दिवस की महिमा इसके भव्य आयोजन और देश के कोने-कोने में दिखने वाली देशभक्ति की भावना में निहित है। जहाँ 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) ब्रिटिश शासन से आजादी का प्रतीक है, वहीं 26 जनवरी उस आजादी को एक कानूनी स्वरूप और एक व्यवस्थित शासन प्रणाली देने का प्रतीक है। इस दिन, पूरा देश तिरंगे के रंगों में सराबोर हो जाता है और राजधानी दिल्ली में होने वाली परेड भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी प्रगति का एक अद्भुत संगम पेश करती है। यह दिन हर भारतीय के मन में गर्व और राष्ट्रीयता की भावना को पुनर्जीवित करता है।

इस पर्व की विशेषता यह भी है कि यह हमें याद दिलाता है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। हमारा संविधान, जो डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किया गया था, हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। गणतंत्र दिवस पर होने वाले समारोहों में न केवल सरकारी तंत्र बल्कि आम नागरिक, विद्यार्थी और विभिन्न समुदायों के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। यह एक ऐसा अवसर है जब हम अपने शहीदों को नमन करते हैं और एक बेहतर भविष्य के निर्माण का संकल्प लेते हैं।

2026 में गणतंत्र दिवस कब है?

वर्ष 2026 में, भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। यह दिन भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है और इस वर्ष भी इसे उसी भव्यता के साथ मनाया जाएगा।

तिथि: January 26, 2026 दिन: Monday समय: अब से ठीक 23 दिन शेष हैं।

गणतंत्र दिवस की तिथि प्रत्येक वर्ष निश्चित रहती है। यह हमेशा 26 जनवरी को ही मनाया जाता है, क्योंकि इसी ऐतिहासिक दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 1930 में 'पूर्ण स्वराज' की घोषणा की थी। इसी स्मृति को जीवंत रखने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू करने के लिए चुना गया था। 2026 में यह सोमवार को पड़ रहा है, जिससे कई लोगों के लिए यह एक लंबा सप्ताहांत (long weekend) भी बन जाएगा।

ऐतिहासिक महत्व और उत्पत्ति

गणतंत्र दिवस का इतिहास भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गहराइयों से जुड़ा हुआ है। 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के बाद भी, भारत के पास अपना कोई स्थायी संविधान नहीं था। उस समय भारत एक 'डोमिनियन' के रूप में कार्य कर रहा था और ब्रिटिश कानूनों (भारत सरकार अधिनियम 1935) पर आधारित था। एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में पूर्ण अस्तित्व के लिए एक स्वदेशी संविधान की आवश्यकता महसूस की गई।

इसके लिए एक संविधान सभा का गठन किया गया, जिसकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। डॉ. बी.आर. अंबेडकर, जिन्हें "भारतीय संविधान का जनक" कहा जाता है, को प्रारूप समिति (Drafting Committee) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। संविधान सभा ने संविधान के निर्माण में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लिया। यह दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है।

संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था (जिसे अब 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है), लेकिन इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी 1950 की तारीख चुनी गई। इसके पीछे एक विशेष ऐतिहासिक कारण था। 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध 'पूर्ण स्वराज' (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव पारित किया था। इस गौरवशाली दिन के सम्मान में गणतंत्र दिवस को 26 जनवरी के दिन ही शुरू किया गया।

संविधान लागू होने के साथ ही, भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने शपथ ली और भारत एक गणराज्य बन गया। इसका अर्थ था कि अब भारत का राष्ट्राध्यक्ष वंशानुगत नहीं होगा, बल्कि जनता द्वारा (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से) चुना जाएगा।

उत्सव और मुख्य आयोजन

गणतंत्र दिवस का मुख्य आकर्षण नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर होने वाली भव्य परेड है। यह समारोह राष्ट्रपति भवन से शुरू होकर इंडिया गेट और लाल किले तक जाता है।

1. ध्वजारोहण और राष्ट्रगान

समारोह की शुरुआत भारत के राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा फहराने के साथ होती है। ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाया जाता है और भारतीय सेना द्वारा 21 तोपों की सलामी दी जाती है। यह एक अत्यंत भावुक और गर्व का क्षण होता है।

2. गणतंत्र दिवस परेड

परेड में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की विभिन्न रेजिमेंटें भाग लेती हैं। सैनिक अपने शानदार यूनिफॉर्म में कदमताल करते हुए निकलते हैं, जो अनुशासन और शक्ति का प्रतीक है। इसके साथ ही, भारत की रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाता है, जिसमें आधुनिक टैंक, मिसाइलें और रडार प्रणालियाँ शामिल होती हैं।

3. राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां

परेड का सबसे रंगीन हिस्सा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां होती हैं। ये झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोक कला, संगीत और विकास की उपलब्धियों को दर्शाती हैं। प्रत्येक राज्य अपनी विशिष्ट पहचान को दुनिया के सामने पेश करता है।

4. सांस्कृतिक कार्यक्रम और फ्लाईपास्ट

देश भर के स्कूली बच्चे सांस्कृतिक नृत्य और कला का प्रदर्शन करते हैं। समारोह का समापन भारतीय वायु सेना के 'फ्लाईपास्ट' के साथ होता है, जहाँ लड़ाकू विमान आसमान में तिरंगा बनाते हुए और हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए निकलते हैं।

5. मुख्य अतिथि

भारत की परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस पर किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। यह भारत के कूटनीतिक संबंधों और "अतिथि देवो भव" की भावना को दर्शाता है।

परंपराएं और रीति-रिवाज

गणतंत्र दिवस केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत में मनाया जाता है:

स्थानीय स्तर पर ध्वजारोहण: स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और हाउसिंग सोसायटियों में तिरंगा फहराया जाता है। बच्चे देशभक्ति के गीतों पर नृत्य करते हैं और भाषण देते हैं। मिठाई वितरण: ध्वजारोहण के बाद लड्डू या अन्य मिठाइयाँ बांटना एक पुरानी और प्रिय परंपरा है। वीरता पुरस्कार: इस दिन राष्ट्रपति उन बहादुर सैनिकों और नागरिकों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया हो। परमवीर चक्र, अशोक चक्र और वीर चक्र जैसे सम्मान प्रदान किए जाते हैं। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी इसी अवसर पर दिए जाते हैं। बीटिंग रिट्रीट: गणतंत्र दिवस समारोह का आधिकारिक समापन 29 जनवरी की शाम को 'बीटिंग रिट्रीट' समारोह के साथ होता है। यह समारोह दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित किया जाता है और इसमें भारतीय सेना के बैंड शास्त्रीय धुनें बजाते हैं।

व्यावहारिक जानकारी और पर्यटकों के लिए सुझाव

यदि आप 2026 में गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:

  1. टिकट और प्रवेश: परेड देखने के लिए टिकटों की आवश्यकता होती है, जिन्हें आधिकारिक वेबसाइट (rashtraparv.mod.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। सुरक्षा कारणों से टिकट पहले ही बुक कर लेना चाहिए।
  2. सुरक्षा व्यवस्था: नई दिल्ली और विशेष रूप से परेड मार्ग के आसपास सुरक्षा बहुत कड़ी होती है। कई सड़कें बंद रहती हैं और मेट्रो के समय में भी बदलाव हो सकता है। मोबाइल फोन, कैमरा, बैग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परेड स्थल पर ले जाना प्रतिबंधित हो सकता है।
  3. पहनावा: जनवरी के अंत में दिल्ली में काफी ठंड होती है, इसलिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। हालांकि कोई विशेष ड्रेस कोड नहीं है, लेकिन देशभक्ति के रंगों (केसरिया, सफेद, हरा) के कपड़े पहनना लोकप्रिय है।
  4. समय पर पहुँचना: परेड सुबह जल्दी शुरू होती है, लेकिन सुरक्षा जांच में समय लगता है। इसलिए, सलाह दी जाती है कि आप निर्धारित समय से कम से कम 2-3 घंटे पहले पहुँचें।

गणतंत्र दिवस बनाम स्वतंत्रता दिवस: मुख्य अंतर

अक्सर लोग इन दोनों राष्ट्रीय त्योहारों के बीच भ्रमित हो जाते हैं। यहाँ इनके मुख्य अंतर दिए गए हैं:

| पहलू | गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) | स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) | | :--- | :--- | :--- | | महत्व | इस दिन संविधान लागू हुआ (1950) | इस दिन ब्रिटिश शासन से आजादी मिली (1947) | | मुख्य स्थल | कर्तव्य पथ, नई दिल्ली | लाल किला, नई दिल्ली | | मुख्य व्यक्तित्व | भारत के राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं | भारत के प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं | | मुख्य आकर्षण | सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक झांकियां (परेड) | प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन | | समारोह का स्वरूप | संवैधानिक प्रमुख के सम्मान में | राजनीतिक नेतृत्व और स्वतंत्रता सेनानियों की याद में |

क्या यह सार्वजनिक अवकाश है?

हाँ, गणतंत्र दिवस भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों (स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के साथ) में से एक है।

क्या बंद रहता है? सभी सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल, कॉलेज और डाकघर इस दिन बंद रहते हैं। अधिकांश निजी कंपनियां और कॉर्पोरेट कार्यालय भी छुट्टी रखते हैं। शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार में भी कारोबार नहीं होता है।

  • क्या खुला रहता है? अस्पताल, फार्मेसी और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से संचालित रहती हैं। सार्वजनिक परिवहन (बस, मेट्रो, ट्रेन) चलता है, लेकिन सुरक्षा के कारण कुछ स्टेशनों या मार्गों पर प्रतिबंध हो सकते हैं। मॉल, सिनेमा हॉल और रेस्टोरेंट आमतौर पर खुले रहते हैं, लेकिन वे भी तिरंगे के रंग में सजे होते हैं।
गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाने का अवसर है कि लोकतंत्र की जड़ें हमारे संविधान में हैं। यह दिन हमें नागरिक के रूप में हमारी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करता है। चाहे आप दिल्ली की भव्य परेड देख रहे हों या अपने मोहल्ले में तिरंगा फहरा रहे हों, इस दिन की भावना एक ही है - 'जय हिंद'। यह भारत की अखंडता और संप्रभुता का उत्सव है, जो आने वाली पीढ़ियों को एक मजबूत और समृद्ध भारत बनाने के लिए प्रेरित करता रहता है।

Frequently Asked Questions

Common questions about Republic Day in India

भारत का अगला गणतंत्र दिवस January 26, 2026 को मनाया जाएगा, जो कि Monday का दिन है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उत्सव में अब केवल 23 दिन शेष हैं। यह दिन 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने की वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसने भारत को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया था। यह 77वां गणतंत्र दिवस होगा, जिसे पूरे देश में अत्यंत उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जाएगा।

हाँ, गणतंत्र दिवस भारत के तीन सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है। इस दिन देशभर में सभी सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल, कॉलेज और उप-पंजीयक कार्यालय (SRO) पूरी तरह से बंद रहते हैं। चूंकि 2026 में यह सोमवार को पड़ रहा है, इसलिए कई लोगों के लिए यह एक लंबा सप्ताहांत होगा। इस दिन व्यापारिक गतिविधियां और रियल एस्टेट लेनदेन भी स्थगित रहते हैं ताकि नागरिक राष्ट्रीय उत्सवों में भाग ले सकें।

गणतंत्र दिवस उस दिन का सम्मान करता है जब 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। हालांकि भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिली थी, लेकिन 1950 तक यह ब्रिटिश डोमिनियन के रूप में कार्य कर रहा था। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में तैयार किया गया यह संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को समाहित करता है। 26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज' की घोषणा की थी।

गणतंत्र दिवस का मुख्य आकर्षण नई दिल्ली में 'कर्तव्य पथ' (पूर्व में राजपथ) पर आयोजित होने वाली भव्य परेड है। यह समारोह राष्ट्रपति भवन से शुरू होकर इंडिया गेट के माध्यम से लाल किले तक जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी के साथ होती है। परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की शक्ति का प्रदर्शन, विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां और लोक नृत्य शामिल होते हैं, जो भारत की विविधता और एकता को दर्शाते हैं।

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) 1947 में ब्रिटिश शासन से भारत की मुक्ति की याद दिलाता है, जबकि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) संविधान के अपनाने और एक गणराज्य बनने का जश्न मनाता है। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य कार्यक्रम लाल किले पर होता है जहाँ प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं, जबकि गणतंत्र दिवस पर मुख्य कार्यक्रम कर्तव्य पथ पर होता है जहाँ राष्ट्रपति (राष्ट्र के प्रमुख) झंडा फहराते हैं। स्वतंत्रता दिवस राजनीतिक स्वतंत्रता का प्रतीक है, जबकि गणतंत्र दिवस संवैधानिक लोकतंत्र की स्थापना का।

पूरे भारत में लोग ध्वजारोहण समारोहों, देशभक्ति के गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस दिन को मनाते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में परेड, भाषण और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है ताकि युवाओं में देशभक्ति की भावना पैदा की जा सके। लोग अक्सर तिरंगे के रंगों वाले कपड़े पहनते हैं और इमारतों को रोशनी से सजाया जाता है। यह दिन किसी धार्मिक अनुष्ठान के बजाय एक सामूहिक राष्ट्रीय गौरव के रूप में मनाया जाता है, जहाँ लोग एक साथ आकर लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हैं।

यदि आप दिल्ली में परेड देखने की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा जांच के कारण बहुत पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है। भारी सुरक्षा और ट्रैफिक डायवर्जन की अपेक्षा करें। टिकट और बैठने की व्यवस्था के लिए आधिकारिक वेबसाइट (rashtraparv.mod.gov.in) पर नज़र रखें। आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे शालीन कपड़े पहनें और अपने साथ प्रतिबंधित वस्तुएं न ले जाएं। परेड मार्ग के पास सार्वजनिक दर्शन क्षेत्रों में शामिल होना एक शानदार अनुभव होता है, लेकिन भीड़ के लिए तैयार रहना चाहिए।

भारत की एक पुरानी परंपरा रही है कि वह हर साल गणतंत्र दिवस परेड के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्ति (अक्सर किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष) को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करता है। यह निमंत्रण भारत के उस देश के साथ कूटनीतिक संबंधों और मित्रता का प्रतीक होता है। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के साथ परेड देखते हैं और यह आयोजन भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' (विश्व एक परिवार है) की नीति और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती उपस्थिति को प्रदर्शित करता है।

Historical Dates

Republic Day dates in India from 2010 to 2025

Year Day of Week Date
2025 Sunday January 26, 2025
2024 Friday January 26, 2024
2023 Thursday January 26, 2023
2022 Wednesday January 26, 2022
2021 Tuesday January 26, 2021
2020 Sunday January 26, 2020
2019 Saturday January 26, 2019
2018 Friday January 26, 2018
2017 Thursday January 26, 2017
2016 Tuesday January 26, 2016
2015 Monday January 26, 2015
2014 Sunday January 26, 2014
2013 Saturday January 26, 2013
2012 Thursday January 26, 2012
2011 Wednesday January 26, 2011
2010 Tuesday January 26, 2010

Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.