Holiday Details
- Holiday Name
- Gudi Padwa
- Country
- India
- Date
- March 19, 2026
- Day of Week
- Thursday
- Status
- 75 days away
- About this Holiday
- Gudi Padwa is a restricted holiday in India
India • March 19, 2026 • Thursday
Also known as: गुड़ी पड़वा
गुड़ी पड़वा भारत के सबसे जीवंत और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गोवा और दमन के क्षेत्रों में अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर के अनुसार चैत्र मास के पहले दिन यानी 'प्रतिपदा' को पड़ता है। यह न केवल एक नए वर्ष का आगमन है, बल्कि यह प्रकृति के पुनर्जन्म, वसंत ऋतु के स्वागत और मानवीय भावनाओं में नई आशाओं के संचार का प्रतीक है। गुड़ी पड़वा का अर्थ दो शब्दों से मिलकर बना है: 'गुड़ी' जिसका अर्थ है विजय पताका या ध्वज, और 'पड़वा' जिसका अर्थ है चंद्रमा के उज्ज्वल पखवाड़े का पहला दिन।
यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और पारिवारिक मेल-मिलाप का अवसर भी है। इस दिन चारों ओर एक नई ऊर्जा का अनुभव होता है। पेड़ों पर नई कोपलें आती हैं, फूलों की खुशबू हवाओं में घुल जाती है और लोग अपने घरों को स्वच्छ कर नए संकल्पों के साथ वर्ष की शुरुआत करते हैं। मराठा संस्कृति में इस दिन का स्थान सर्वोच्च है, क्योंकि यह उनके गौरवशाली इतिहास और आध्यात्मिक मान्यताओं को एक सूत्र में पिरोता है।
गुड़ी पड़वा का आध्यात्मिक महत्व गहरा है। इसे ब्रह्मांड के सृजन का दिन माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने इस सृष्टि की रचना की थी और समय चक्र का आरंभ किया था। इसलिए, यह दिन कृतज्ञता व्यक्त करने और जीवन के उपहार का सम्मान करने का समय है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है, जो हर भारतीय हृदय में आशा की किरण जगाता है।
वर्ष 2026 में, गुड़ी पड़वा का पावन पर्व Thursday, March 19, 2026 को मनाया जाएगा।
वर्तमान गणना के अनुसार, इस उत्सव के आगमन में अब केवल 75 दिन शेष हैं।
गुड़ी पड़वा की तिथि हर साल बदलती रहती है क्योंकि यह हिंदू चंद्र कैलेंडर (लुनीसोलर कैलेंडर) पर आधारित होती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह आमतौर पर मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में आता है। वर्ष 2026 में, प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:53 बजे प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त होगी। परंपरा के अनुसार, सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को ही उत्सव के लिए प्रधान माना जाता है, इसलिए 19 मार्च को ही मुख्य समारोह आयोजित किए जाएंगे।
गुड़ी पड़वा के साथ कई ऐतिहासिक कथाएँ और पौराणिक मान्यताएँ जुड़ी हुई हैं, जो इसे एक बहुआयामी त्योहार बनाती हैं:
गुड़ी पड़वा के दिन उत्सव की तैयारी सूर्योदय से पहले ही शुरू हो जाती है। इस दिन किए जाने वाले प्रमुख अनुष्ठान निम्नलिखित हैं:
गुड़ी पड़वा केवल व्यक्तिगत पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामुदायिक उत्सव है:
गुड़ी पड़वा का दिन 'चैत्र नवरात्रि' के नौ दिवसीय उत्सव के आरंभ का भी प्रतीक है। इस दिन से भक्त देवी दुर्गा की उपासना शुरू करते हैं और नौ दिनों तक उपवास रखते हैं। यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और आत्म-अनुशासन का होता है। महाराष्ट्र में, कई लोग इस दिन 'घटस्थापना' भी करते हैं।
भारत की विविधता इस त्योहार के विभिन्न नामों में भी झलकती है: उगादि: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में इसे 'उगादि' के रूप में मनाया जाता है। चेटी चंड: सिंधी समुदाय इस दिन को अपने इष्ट देव झूलेलाल के जन्मदिन और नववर्ष के रूप में मनाते हैं। नवरेह: कश्मीरी पंडित इसे 'नवरेह' के नाम से मनाते हैं। साजिबू नोंगमा पानबा: मणिपुर में इसे इसी नाम से नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, गुड़ी पड़वा 'साढ़े तीन मुहूर्तों' में से एक माना जाता है। हिंदू संस्कृति में कुछ विशेष दिन ऐसे होते हैं जिन्हें इतना शुभ माना जाता है कि किसी भी नए कार्य को शुरू करने के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। गुड़ी पड़वा उनमें से एक है।
लोग इस दिन नए व्यवसाय शुरू करना, सोना खरीदना, नया घर (गृह प्रवेश) लेना या वाहन खरीदना बहुत शुभ मानते हैं। ज्योतिषीय रूप से, इस दिन सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने की प्रक्रिया शुरू करता है, जो ऊर्जा और जीवन शक्ति का संचार करता है।
हाँ, भारत में गुड़ी पड़वा का महत्व इतना अधिक है कि इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त है:
गुड़ी पड़वा केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं है, बल्कि यह अपनी जड़ों की ओर लौटने, अपनी संस्कृति पर गर्व करने और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने का दिन है। नीम की कड़वाहट से लेकर पूरन पोली की मिठास तक, यह त्योहार हमें जीवन को उसकी संपूर्णता में स्वीकार करना सिखाता है। 2026 में जब आप गुड़ी फहराएं, तो याद रखें कि यह ध्वज आपकी व्यक्तिगत प्रगति, आपके परिवार की सुख-शांति और राष्ट्र की समृद्धि का प्रतीक है।
यह पावन पर्व हमें सिखाता है कि हर अंत एक नई शुरुआत है। जैसे पतझड़ के बाद वसंत आता है, वैसे ही हर कठिनाई के बाद सफलता का उदय होता है। गुड़ी पड़वा के इस शुभ अवसर पर, आइए हम सब मिलकर एक ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लें जो प्रेम, सद्भाव और न्याय पर आधारित हो।
आप सभी को आगामी गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!
Common questions about Gudi Padwa in India
साल 2026 में गुड़ी पड़वा का पावन पर्व March 19, 2026 को मनाया जाएगा। इस वर्ष यह त्योहार Thursday के दिन पड़ रहा है। आज से इस उत्सव के आने में 75 दिन शेष हैं। हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है, जो नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में इस दिन का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।
हाँ, भारत में गुड़ी पड़वा को एक प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Holiday) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसका अर्थ है कि महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में, जहाँ यह त्योहार प्रमुखता से मनाया जाता है, सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में छुट्टी होती है। अन्य राज्यों में, कर्मचारी अपनी पसंद के अनुसार इस दिन छुट्टी ले सकते हैं। यह दिन मुख्य रूप से मराठी और कोंकणी समुदायों के लिए नए साल के उत्सव का आधिकारिक अवकाश होता है।
गुड़ी पड़वा के साथ कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड की रचना की थी। एक अन्य मान्यता के अनुसार, यह दिन भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापसी और उनके राज्याभिषेक का उत्सव है। ऐतिहासिक रूप से, यह छत्रपति शिवाजी महाराज की विजय और शालिवाहन शक कैलेंडर की शुरुआत का भी प्रतीक है। आध्यात्मिक रूप से, यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और वसंत ऋतु के आगमन के साथ नए जीवन की शुरुआत का संदेश देता है।
उत्सव की शुरुआत घरों की गहरी सफाई और प्रवेश द्वार पर सुंदर रंगोली बनाने से होती है। लोग नए कपड़े पहनते हैं और अपने घरों के बाहर 'गुड़ी' फहराते हैं। गुड़ी एक रेशमी कपड़े (साड़ी या धोती), फूलों की माला, नीम के पत्तों और आम के पत्तों से बनी होती है, जिसके ऊपर तांबे या चांदी का लोटा उल्टा रखा जाता है। परिवार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं, मंदिरों के दर्शन करते हैं और अपने रिश्तेदारों, विशेषकर विवाहित बेटियों और उनके पतियों को भोजन पर आमंत्रित करते हैं।
गुड़ी पड़वा के अवसर पर 'पूरन पोली' सबसे प्रमुख व्यंजन है, जो चने की दाल और गुड़ से भरी एक मीठी रोटी होती है। इसके अलावा, श्रीखंड और पूरी भी बड़े चाव से बनाई और खाई जाती है। एक विशेष परंपरा नीम के पत्तों और गुड़ का मिश्रण खाने की है, जो जीवन के कड़वे और मीठे अनुभवों के संतुलन का प्रतीक है। यह मिश्रण स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है क्योंकि यह शरीर को शुद्ध करने में मदद करता है।
गुड़ी का अर्थ है 'विजय ध्वज'। इसे घर के दाहिनी ओर ऊंचे स्थान पर लगाया जाता है ताकि यह दूर से दिखाई दे। यह सौभाग्य, समृद्धि और बुराई पर जीत का प्रतीक माना जाता है। गुड़ी में इस्तेमाल होने वाले नीम के पत्ते आरोग्य का, आम के पत्ते पवित्रता का और उल्टा रखा बर्तन ईश्वरीय शक्ति का प्रतीक है। मान्यता है कि गुड़ी लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
जी हाँ, गुड़ी पड़वा का दिन ही चैत्र नवरात्रि के नौ दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। इसी दिन से भक्त देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और उपवास शुरू करते हैं। महाराष्ट्र में जहाँ इसे गुड़ी पड़वा कहा जाता है, वहीं भारत के अन्य हिस्सों में इसे अलग नामों से जाना जाता है, जैसे दक्षिण भारत में 'उगादी' और सिंधी समुदाय में 'चेटी चंड'। यह पूरा समय आध्यात्मिक शुद्धि और शक्ति की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
यदि आप इस दौरान महाराष्ट्र की यात्रा कर रहे हैं, तो आपको स्थानीय समुदायों द्वारा आयोजित भव्य शोभा यात्राएं (सांस्कृतिक परेड) देखने को मिलेंगी। लोग पारंपरिक वेशभूषा, जैसे नौवारी साड़ी और फेटा (पगड़ी) पहनकर ढोल-ताशों की थाप पर नाचते हैं। शहरों में सुबह-सुबह निकलने वाली ये रैलियां जीवंत संस्कृति का दर्शन कराती हैं। पर्यटकों को घरों के बाहर सजी रंगीन रंगोलियां और ऊँची फहराती गुड़ी देखने का अवसर मिलता है, जो भारतीय आतिथ्य और परंपरा का अनूठा अनुभव प्रदान करती हैं।
Gudi Padwa dates in India from 2010 to 2025
| Year | Day of Week | Date |
|---|---|---|
| 2025 | Sunday | March 30, 2025 |
| 2024 | Tuesday | April 9, 2024 |
| 2023 | Wednesday | March 22, 2023 |
| 2022 | Saturday | April 2, 2022 |
| 2021 | Tuesday | April 13, 2021 |
| 2020 | Wednesday | March 25, 2020 |
| 2019 | Saturday | April 6, 2019 |
| 2018 | Sunday | March 18, 2018 |
| 2017 | Tuesday | March 28, 2017 |
| 2016 | Friday | April 8, 2016 |
| 2015 | Saturday | March 21, 2015 |
| 2014 | Monday | March 31, 2014 |
| 2013 | Thursday | April 11, 2013 |
| 2012 | Friday | March 23, 2012 |
| 2011 | Monday | April 4, 2011 |
| 2010 | Tuesday | March 16, 2010 |
Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.