Holiday Details
- Holiday Name
- Lunar New Year
- Country
- India
- Date
- February 17, 2026
- Day of Week
- Tuesday
- Status
- 45 days away
- About this Holiday
- Lunar New year is an annual global celebration in many countries including India.
India • February 17, 2026 • Tuesday
Also known as: Lunar New Year
चंद्र नव वर्ष, जिसे अक्सर चीनी नव वर्ष या वसंत महोत्सव के रूप में जाना जाता है, भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा और जीवंत हिस्सा है। यद्यपि यह पूरे भारत में मनाया जाने वाला मुख्यधारा का त्योहार नहीं है, लेकिन भारत के चीनी समुदाय और पूर्वी एशियाई संस्कृतियों से प्रभावित क्षेत्रों में इसका गहरा महत्व है। यह त्योहार केवल एक कैलेंडर परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह नवीनीकरण, परिवार के पुनर्मिलन और आने वाले वर्ष के लिए सौभाग्य की प्रार्थना का प्रतीक है। भारत जैसे विविध देश में, जहाँ हर धर्म और संस्कृति के त्योहारों को सम्मान दिया जाता है, चंद्र नव वर्ष भी अपनी एक विशेष पहचान रखता है।
यह उत्सव चीनी चंद्र कैलेंडर पर आधारित है, जो चंद्रमा के चरणों का अनुसरण करता है। भारत में, विशेष रूप से कोलकाता के पुराने और नए 'चाइनाटाउन' (जैसे टेरेटी बाज़ार और टेंगरा) में, यह समय उत्साह और ऊर्जा से भरा होता है। लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और अपने पूर्वजों को याद करते हैं। यह समय पुराने गिले-शिकवे मिटाकर नई शुरुआत करने का होता है। लाल रंग, जो सौभाग्य और खुशी का प्रतीक माना जाता है, इस दौरान हर तरफ दिखाई देता है—सजावट से लेकर उपहारों तक।
२०२६ का चंद्र नव वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 'अग्नि अश्व' (Fire Horse) का वर्ष है। चीनी राशि चक्र में, यह एक अत्यंत दुर्लभ घटना है जो हर साठ साल में एक बार आती है। पिछला अग्नि अश्व वर्ष १९६६ में था। अग्नि और अश्व का यह संयोजन अदम्य ऊर्जा, उत्साह और परिवर्तन का संकेत देता है। भारत में रहने वाले समुदायों के लिए, यह वर्ष नई संभावनाओं और साहसी निर्णयों का प्रतीक माना जा रहा है।
वर्ष 2026 में, चंद्र नव वर्ष का मुख्य उत्सव Tuesday, February 17, 2026 को मनाया जाएगा।
वर्तमान गणना के अनुसार, इस महत्वपूर्ण उत्सव के आने में अब केवल 45 दिन शेष हैं।
चंद्र नव वर्ष की तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर (अंग्रेजी कैलेंडर) के अनुसार हर साल बदलती रहती है। यह आमतौर पर २१ जनवरी से २० फरवरी के बीच आने वाली पहली अमावस्या के दिन पड़ता है। तिथि में यह भिन्नता इसलिए होती है क्योंकि यह चंद्र चक्रों पर आधारित है, न कि सूर्य की स्थिति पर। यही कारण है कि इसे भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में 'चलने वाला' त्योहार माना जाता है, जिसकी गणना ज्योतिषीय और खगोलीय आधार पर की जाती है।
चंद्र नव वर्ष का इतिहास हजारों साल पुराना है, जिसकी जड़ें प्राचीन कृषि परंपराओं और लोककथाओं में गहराई से समाई हुई हैं। किंवदंतियों के अनुसार, यह त्योहार 'नियन' नामक एक राक्षस पर विजय पाने की खुशी में शुरू हुआ था, जो गांव वालों को परेशान करता था। लोगों ने पाया कि नियन लाल रंग, तेज़ रोशनी और शोर से डरता था। इसी कारण आज भी आतिशबाजी, लाल लालटेन और ढोल-नगाड़ों का उपयोग इस उत्सव का अभिन्न अंग है।
भारत में, चीनी समुदाय का इतिहास सदियों पुराना है, जिसकी शुरुआत १८वीं शताब्दी के अंत में हुई थी जब अचु नामक एक चीनी व्यापारी कोलकाता (तब कलकत्ता) के पास पहुँचा था। तब से, चीनी भारतीयों ने अपनी परंपराओं को भारतीय संस्कृति के साथ खूबसूरती से बुना है। भारत में चंद्र नव वर्ष केवल एक विदेशी त्योहार नहीं है, बल्कि यह उन समुदायों की जीवंत विरासत का प्रदर्शन है जिन्होंने भारत को अपना घर बनाया है। यह त्योहार सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी सम्मान का एक सेतु है।
भारत में चंद्र नव वर्ष का जश्न कई हफ्तों तक चलता है, जिसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ शामिल होती हैं:
भारत में किसी भी त्योहार की तरह, चंद्र नव वर्ष में भी भोजन की मुख्य भूमिका होती है। इस अवसर पर विशेष व्यंजन तैयार किए जाते हैं जिनका प्रतीकात्मक महत्व होता है:
डंपलिंग्स (Dumplings): इन्हें धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है क्योंकि इनका आकार प्राचीन चीनी सिक्कों जैसा होता है। नूडल्स: लंबी उम्र की कामना के लिए लंबे नूडल्स बनाए जाते हैं। परंपरा के अनुसार, खाते समय नूडल्स को तोड़ना नहीं चाहिए। मछली: चीनी भाषा में मछली का उच्चारण 'अधिशेष' (Surplus) जैसा होता है, इसलिए इसे समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए परोसा जाता है। चावल के केक (Nian Gao): यह मीठा व्यंजन प्रगति और 'हर साल ऊंचाइयों को छूने' का प्रतीक है। तांगयुआन (Tangyuan): उत्सव के अंतिम दिन, यानी लालटेन महोत्सव पर, मीठे चावल के गोले खाए जाते हैं जो परिवार की एकता और पूर्णता को दर्शाते हैं।
चंद्र नव वर्ष का उत्सव कुल १६ दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत नव वर्ष की पूर्व संध्या से होती है और समापन लालटेन महोत्सव के साथ होता है।
भारत में चंद्र नव वर्ष के संबंध में व्यावहारिक जानकारी निम्नलिखित है:
सार्वजनिक अवकाश की स्थिति: चंद्र नव वर्ष भारत में सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) नहीं है। केंद्र सरकार या अधिकांश राज्य सरकारों द्वारा इसे राजपत्रित अवकाश घोषित नहीं किया गया है। कार्यालय और व्यवसाय: इस दिन बैंक, सरकारी कार्यालय, स्कूल और निजी व्यवसाय सामान्य रूप से खुले रहते हैं। सार्वजनिक परिवहन भी अपनी नियमित समय-सारणी के अनुसार चलता है। स्थानीय प्रभाव: हालांकि यह राष्ट्रीय अवकाश नहीं है, लेकिन कोलकाता के उन क्षेत्रों में जहाँ चीनी समुदाय की सघनता है, वहां के स्थानीय व्यवसाय और दुकानें उत्सव के कारण बंद रह सकती हैं या उनके कार्य समय में बदलाव हो सकता है। कुछ निजी संस्थान जो पूर्वी एशियाई देशों के साथ व्यापार करते हैं, वे अपने कर्मचारियों को सीमित अवकाश या जल्दी जाने की अनुमति दे सकते हैं।
भारत में चंद्र नव वर्ष का उत्सव इस बात का प्रमाण है कि कैसे विभिन्न संस्कृतियाँ एक साथ मिलकर एक सुंदर ताना-बाना बुनती हैं। यद्यपि यह संख्यात्मक रूप से एक छोटे समुदाय द्वारा मनाया जाता है, लेकिन इसकी चमक, ऊर्जा और परंपराएं पूरे देश के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करती हैं। 2026 में अग्नि अश्व का वर्ष होने के कारण, यह उत्सव और भी अधिक उत्साह और गतिशीलता लेकर आएगा। यदि आप इस दौरान भारत में हैं, तो कोलकाता की गलियों में होने वाले शेर नृत्य और वहां के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेना एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। यह त्योहार हमें सिखाता है कि नई शुरुआत के लिए हमेशा जगह होती है और आशा का प्रकाश किसी भी अंधेरे को दूर कर सकता है।
Common questions about Lunar New Year in India
भारत में वर्ष 2026 में चंद्र नव वर्ष Tuesday, February 17, 2026 को मनाया जाएगा। इस विशेष उत्सव के आने में अब केवल 45 शेष बचे हैं। यह त्योहार ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हर साल 21 जनवरी से 20 फरवरी के बीच आने वाले नए चंद्रमा के दिन पड़ता है। भारत में रहने वाले चीनी समुदाय के लोग और सांस्कृतिक प्रेमी इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं, जो नए साल की शुरुआत और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
नहीं, भारत में चंद्र नव वर्ष पर सार्वजनिक अवकाश नहीं होता है। इस दिन सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल, बैंक और व्यावसायिक संस्थान सामान्य रूप से खुले रहते हैं। हालांकि, यह भारत के प्रमुख शहरों, विशेष रूप से कोलकाता और मुंबई में रहने वाले चीनी समुदायों द्वारा एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। भले ही यह आधिकारिक छुट्टी नहीं है, लेकिन इन क्षेत्रों में उत्सव का माहौल बहुत जीवंत होता है और लोग अपनी परंपराओं के अनुसार इसे निजी तौर पर मनाते हैं।
वर्ष 2026 'फायर हॉर्स' (अग्नि अश्व) का वर्ष है। यह एक अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण घटना है जो साठ साल में केवल एक बार होती है; इससे पहले फायर हॉर्स वर्ष 1966 में आया था। चीनी ज्योतिष के अनुसार, घोड़े का वर्ष ऊर्जा और गति का प्रतीक है, और 'अग्नि' तत्व इसमें और अधिक उत्साह जोड़ता है। भारत में उत्सव मनाने वाले लोग इस वर्ष को सौभाग्य और समृद्धि लाने वाला मानते हैं और इसी के अनुरूप अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की योजना बनाते हैं।
चंद्र नव वर्ष का उत्सव कुल 16 दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत नव वर्ष की पूर्व संध्या पर एक भव्य 'पुनर्मिलन रात्रिभोज' के साथ होती है और इसका समापन 'लालटेन महोत्सव' के साथ होता है। 2026 में, यह उत्सव भव्य लालटेन प्रदर्शन, शेर नृत्य और तांगयुआन (मीठे चावल के गोले) खाने के साथ समाप्त होगा। इन 16 दिनों के दौरान, लोग विभिन्न रस्मों का पालन करते हैं, जिसमें सफाई करना, नए कपड़े पहनना और अपने पूर्वजों का सम्मान करना शामिल है।
कोलकाता का 'चाइनाटाउन' भारत में चंद्र नव वर्ष के जश्न का मुख्य केंद्र है। यहाँ की सड़कों पर रंगीन परेड निकाली जाती है, जिसमें पारंपरिक शेर और ड्रैगन नृत्य मुख्य आकर्षण होते हैं। लोग अपने घरों को लाल लालटेन और बैनरों से सजाते हैं ताकि सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का स्वागत किया जा सके। पटाखों की गूँज और सामुदायिक मेल-मिलाप इस उत्सव को और भी खास बना देते हैं। मंदिरों में विशेष प्रार्थनाएँ आयोजित की जाती हैं जहाँ लोग आने वाले वर्ष के लिए सुख-शांति की कामना करते हैं।
चंद्र नव वर्ष के दौरान भोजन का बहुत महत्व है। विशेष भोजन में डंपलिंग (मोमोज जैसे), नूडल्स और अन्य पारंपरिक चीनी व्यंजन शामिल होते हैं। माना जाता है कि डंपलिंग धन का प्रतीक हैं और लंबी नूडल्स दीर्घायु का प्रतिनिधित्व करती हैं। भारत में चीनी परिवार एक साथ बैठकर 'रीयूनियन डिनर' करते हैं, जो पूरे उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है। इसके अलावा, मछली और मीठे चावल के केक भी परोसे जाते हैं, जो समृद्धि और प्रगति का संदेश देते हैं।
चंद्र नव वर्ष के दौरान 'होंगबाओ' या लाल लिफाफे बांटने की एक सुंदर परंपरा है। इन लिफाफों में पैसे भरकर बुजुर्गों द्वारा बच्चों और अविवाहित युवाओं को दिए जाते हैं। लाल रंग को सौभाग्य और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, और यह माना जाता है कि ये लिफाफे बुरी आत्माओं को दूर रखते हैं और प्राप्तकर्ता को सौभाग्य प्रदान करते हैं। भारत में चीनी समुदाय के बीच यह परंपरा आज भी बहुत लोकप्रिय है और यह परिवार के सदस्यों के बीच प्यार और आशीर्वाद साझा करने का एक तरीका है।
यदि आप भारत में चंद्र नव वर्ष के वास्तविक रंगों को देखना चाहते हैं, तो कोलकाता का टेंगरा और टायरेटा बाजार सबसे अच्छे स्थान हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह जल्दी चिनटाउन पहुंचें ताकि वे पारंपरिक शेर नृत्य और मंदिरों की गतिविधियों को देख सकें। वहां के स्थानीय चीनी रेस्तरां में विशेष उत्सव मेनू का आनंद लेना न भूलें। भीड़भाड़ होने के कारण पैदल चलना सबसे अच्छा विकल्प है, और लाल रंग के कपड़े पहनना आपको उत्सव के माहौल में घुलने-मिलने में मदद करेगा।
Lunar New Year dates in India from 2010 to 2025
| Year | Day of Week | Date |
|---|---|---|
| 2025 | Wednesday | January 29, 2025 |
| 2024 | Saturday | February 10, 2024 |
| 2023 | Sunday | January 22, 2023 |
| 2022 | Tuesday | February 1, 2022 |
| 2021 | Friday | February 12, 2021 |
| 2020 | Saturday | January 25, 2020 |
| 2019 | Tuesday | February 5, 2019 |
| 2018 | Friday | February 16, 2018 |
| 2017 | Saturday | January 28, 2017 |
| 2016 | Monday | February 8, 2016 |
| 2015 | Thursday | February 19, 2015 |
| 2014 | Friday | January 31, 2014 |
| 2013 | Sunday | February 10, 2013 |
| 2012 | Monday | January 23, 2012 |
| 2011 | Thursday | February 3, 2011 |
| 2010 | Sunday | February 14, 2010 |
Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.