Holiday Details
- Holiday Name
- Maundy Thursday
- Country
- India
- Date
- April 2, 2026
- Day of Week
- Thursday
- Status
- 89 days away
- About this Holiday
- Maundy Thursday is a Christian observance on the Thursday during Holy Week. It is the day before Good Friday.
India • April 2, 2026 • Thursday
Also known as: पवित्र बृहस्पतिवार
माउंडी थर्सडे, जिसे भारत के कई हिस्सों में 'पवित्र गुरुवार' या 'पेसाहा' के रूप में भी जाना जाता है, ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र दिनों में से एक है। यह दिन ईस्टर संडे से पहले आने वाले 'होली वीक' (पवित्र सप्ताह) का पांचवां दिन होता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में, जहाँ ईसाई समुदाय की जड़ें सदियों पुरानी हैं, माउंडी थर्सडे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विनम्रता, सेवा और प्रेम का एक जीवंत प्रतीक है। यह दिन ईसा मसीह के अपने शिष्यों के साथ किए गए 'अंतिम भोज' (द लास्ट सपर) की याद दिलाता है, जहाँ उन्होंने न केवल यूकेरिस्ट (पवित्र भोज) की स्थापना की, बल्कि अपने शिष्यों के पैर धोकर दुनिया को मानवता और दासत्व से परे सेवा का संदेश दिया।
भारत में इस दिन का महत्व विशेष रूप से उन राज्यों में अधिक गहरा है जहाँ ईसाई आबादी अधिक है, जैसे केरल, गोवा, तमिलनाडु और उत्तर-पूर्वी राज्य। केरल के सीरियाई ईसाई समुदाय में इसे 'पेसाहा' कहा जाता है, जो अरामी शब्द 'पासओवर' से निकला है। इस दिन का वातावरण अत्यंत गंभीर, प्रार्थनापूर्ण और चिंतनशील होता है। यह वह समय है जब भक्त अपने दैनिक जीवन की भागदौड़ से हटकर आत्म-निरीक्षण करते हैं और ईसा मसीह के उस महान बलिदान को याद करते हैं जो उन्होंने मानवता के उद्धार के लिए दिया था। यह दिन विश्वासियों को यह सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व दूसरों पर शासन करने में नहीं, बल्कि उनकी सेवा करने में निहित है।
वर्ष 2026 में, माउंडी थर्सडे की तिथि और समय की जानकारी निम्नलिखित है:
दिन: Thursday तारीख: April 2, 2026 शेष समय: आज से इस पवित्र दिन में 89 दिन शेष हैं।
माउंडी थर्सडे की तारीख हर साल बदलती रहती है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर और ईस्टर की तारीख पर निर्भर करती है। ईस्टर हमेशा वसंत विषुव (Spring Equinox) के बाद आने वाली पहली पूर्णिमा के बाद के पहले रविवार को मनाया जाता है, और माउंडी थर्सडे उससे ठीक तीन दिन पहले आता है। इसलिए, यह एक 'परिवर्तनीय अवकाश' (Variable Holiday) की श्रेणी में आता है।
'माउंडी' (Maundy) शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'Mandatum' से हुई है, जिसका अर्थ है 'आदेश' या 'आज्ञा'। बाइबल के अनुसार, अंतिम भोज के दौरान ईसा मसीह ने अपने शिष्यों को एक नई आज्ञा दी थी: "मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूँ कि एक-दूसरे से प्रेम रखो; जैसा मैंने तुमसे प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक-दूसरे से प्रेम रखो।" इसी आज्ञा या 'Mandatum' के कारण इस दिन को माउंडी थर्सडे कहा जाता है।
धार्मिक दृष्टि से, इस दिन तीन मुख्य घटनाएं महत्वपूर्ण हैं:
भारत में ईसाई धर्म की विभिन्न शाखाएं (कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट, ऑर्थोडॉक्स) अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार इस दिन को मनाती हैं। भारतीय संस्कृति के साथ मिलकर ये परंपराएं एक अनूठा रूप ले लेती हैं।
यदि आप 2026 में माउंडी थर्सडे के दौरान भारत में हैं, तो इस आध्यात्मिक अनुभव का हिस्सा बनने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
भारत में माउंडी थर्सडे की छुट्टी की स्थिति राज्य दर राज्य भिन्न होती है:
केरल: केरल में माउंडी थर्सडे एक 'राज्यव्यापी सार्वजनिक अवकाश' (Statewide Public Holiday) है। यहाँ सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज और अधिकांश व्यवसाय बंद रहते हैं। चूंकि केरल में सीरियाई ईसाइयों की बड़ी आबादी है, इसलिए यहाँ इसे बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। अन्य राज्य: भारत के अधिकांश अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह एक आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश नहीं है। बैंक, सरकारी कार्यालय और निजी कंपनियां सामान्य रूप से कार्य करती हैं। हालांकि, ईसाई संस्थानों और स्कूलों में इस दिन छुट्टी हो सकती है। गोवा और पूर्वोत्तर: इन क्षेत्रों में, हालांकि यह हमेशा एक राजपत्रित अवकाश नहीं होता, फिर भी स्थानीय प्रशासन और निजी क्षेत्र ईसाई समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए लचीलापन दिखाते हैं। गुड फ्राइडे: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि माउंडी थर्सडे के अगले दिन, यानी 'गुड फ्राइडे', पूरे भारत में एक अनिवार्य राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश होता है।
माउंडी थर्सडे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का एक अभिन्न अंग है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि धर्म चाहे जो भी हो, मानवता, प्रेम और निस्वार्थ सेवा के मूल्य सार्वभौमिक हैं। 2026 में जब आप माउंडी थर्सडे मनाएंगे, तो यह केवल एक ऐतिहासिक घटना की याद नहीं होगी, बल्कि अपने भीतर के अहंकार को त्यागने और दूसरों के प्रति दयालु होने का एक नया संकल्प होगा।
चाहे वह केरल के घरों में बनने वाला 'पेसाहा अप्पम' हो या गोवा के चर्चों में होने वाली गंभीर प्रार्थनाएं, माउंडी थर्सडे का संदेश स्पष्ट है: "सबसे बड़ा वही है जो सबसे छोटा बनकर सबकी सेवा करता है।" यह दिन भारतीय ईसाइयों के लिए गहरे आध्यात्मिक नवीनीकरण का समय है, जो उन्हें गुड फ्राइडे के शोक और ईस्टर की खुशी के लिए तैयार करता है।
Common questions about Maundy Thursday in India
वर्ष 2026 में, मौंडी थर्सडे April 2, 2026 को मनाया जाएगा, जो कि Thursday का दिन है। आज से इस विशेष दिन के आने में 89 दिन शेष हैं। यह दिन पवित्र सप्ताह (Holy Week) का पांचवां दिन होता है और ईस्टर संडे से ठीक पहले आने वाले गुरुवार को मनाया जाता है, जो ईसा मसीह के अंतिम भोज (Last Supper) की याद दिलाता है।
नहीं, मौंडी थर्सडे पूरे भारत में एक राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश नहीं है, लेकिन केरल जैसे राज्यों में इसे राज्यव्यापी सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया जाता है। केरल में सीरियाई ईसाई आबादी अधिक होने के कारण इसे 'पेसाहा' के नाम से भी जाना जाता है और वहां स्कूल, सरकारी कार्यालय और व्यवसाय बंद रहते हैं। भारत के अन्य हिस्सों में, यह एक ईसाई धार्मिक पालन (Observance) के रूप में सूचीबद्ध है, जहां ईसाई समुदाय के लोग चर्च की सेवाओं में भाग लेने के लिए छुट्टी ले सकते हैं, लेकिन सामान्य सरकारी और निजी कामकाज जारी रहते हैं।
मौंडी थर्सडे ईसा मसीह द्वारा अपने शिष्यों के साथ किए गए अंतिम भोज (Last Supper) और यूचरिस्ट (Eucharist) की स्थापना का प्रतीक है। 'मौंडी' शब्द लैटिन शब्द 'मंडेटम' (mandatum) से आया है, जिसका अर्थ है 'आदेश'। इस दिन ईसा मसीह ने अपने शिष्यों को एक-दूसरे से प्रेम करने का नया आदेश दिया था। उन्होंने विनम्रता और सेवा का संदेश देने के लिए अपने शिष्यों के पैर धोए थे। यह दिन विश्वासघात, पश्चाताप और बलिदान की याद दिलाता है, जो गुड फ्राइडे की ओर ले जाता है।
भारत में ईसाई समुदाय इस दिन को बड़ी भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाता है। मुख्य गतिविधियों में विशेष चर्च सेवाएं शामिल हैं जहां 'पवित्र भोज' (Holy Communion) का आयोजन किया जाता है। कई चर्चों में पादरी, ईसा मसीह के विनम्रता के कार्य को दोहराते हुए, पैर धोने की रस्म (Washing of the Feet) निभाते हैं। लोग उपवास रखते हैं, प्रार्थना करते हैं और बाइबिल का पाठ करते हैं। यह दिन उत्सव के बजाय आत्मनिरीक्षण और प्रार्थना का होता है, जिसमें ईसाई धर्म के विभिन्न संप्रदाय जैसे कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट और ऑर्थोडॉक्स अपनी परंपराओं के अनुसार भाग लेते हैं।
केरल में मौंडी थर्सडे को 'पेसाहा' कहा जाता है। इस दिन परिवार घर पर 'पेसाहा अप्पम' (बिना खमीर वाली रोटी) और विशेष करी तैयार करते हैं, जो अंतिम भोज की याद दिलाती है। शाम को परिवार के सभी सदस्य मिलकर इस भोजन को ग्रहण करते हैं। इसके अलावा, केरल और अन्य क्षेत्रों में 14 चर्चों की यात्रा करने की परंपरा भी प्रचलित है, जो 'वे ऑफ द क्रॉस' (Stations of the Cross) के 14 पड़ावों का प्रतीक है। लोग इन यात्राओं के दौरान उपवास रखते हैं और प्रार्थना करते हैं।
हाँ, गैर-ईसाई लोगों का सार्वजनिक चर्च सेवाओं में स्वागत है, लेकिन उन्हें कुछ मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। आगंतुकों को शालीन कपड़े पहनने चाहिए (जैसे लंबी आस्तीन और ढके हुए कंधे/घुटने) और अनुष्ठानों के दौरान शांति बनाए रखनी चाहिए। बिना अनुमति के फोटोग्राफी करने से बचना चाहिए क्योंकि यह एक अत्यंत पवित्र और गंभीर अवसर होता है। यदि आप किसी ईसाई मित्र के घर जा रहे हैं, तो उनकी उपवास की परंपराओं का सम्मान करना उचित रहता है।
यदि आप इस दौरान भारत की यात्रा कर रहे हैं, तो दक्षिण भारत (केरल, तमिलनाडु) और गोवा में चर्चों में भारी भीड़ की उम्मीद करें। सार्वजनिक परिवहन केरल को छोड़कर बाकी हिस्सों में सामान्य रूप से चलता है। गोवा में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस या मुंबई में सेंट थॉमस कैथेड्रल जैसे ऐतिहासिक चर्चों में जाना एक अच्छा अनुभव हो सकता है। ध्यान रखें कि यह समय पार्टियों या शोर-शराबे का नहीं बल्कि शांतिपूर्ण पालन का है। अधिकांश चर्च सेवाएं शाम 6 से 8 बजे के बीच आयोजित की जाती हैं।
मौंडी थर्सडे, गुड फ्राइडे से ठीक एक दिन पहले आता है और यह दोनों दिन 'पवित्र सप्ताह' (Holy Week) के महत्वपूर्ण अंग हैं। मौंडी थर्सडे अंतिम भोज और प्रेम के आदेश पर केंद्रित है, जबकि इसी रात गेतसेमनी के बगीचे में ईसा मसीह को उनके शिष्य यहूदा द्वारा धोखा दिया गया था। यह घटना अगले दिन, यानी गुड फ्राइडे को ईसा मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनके बलिदान की ओर ले जाती है। इसलिए, मौंडी थर्सडे की शाम से ही माहौल अत्यंत गंभीर और प्रार्थनापूर्ण हो जाता है।
Maundy Thursday dates in India from 2010 to 2025
| Year | Day of Week | Date |
|---|---|---|
| 2025 | Thursday | April 17, 2025 |
| 2024 | Thursday | March 28, 2024 |
| 2023 | Thursday | April 6, 2023 |
| 2022 | Thursday | April 14, 2022 |
| 2021 | Thursday | April 1, 2021 |
| 2020 | Thursday | April 9, 2020 |
| 2019 | Thursday | April 18, 2019 |
| 2018 | Thursday | March 29, 2018 |
| 2017 | Thursday | April 13, 2017 |
| 2016 | Thursday | March 24, 2016 |
| 2015 | Thursday | April 2, 2015 |
| 2014 | Thursday | April 17, 2014 |
| 2013 | Thursday | March 28, 2013 |
| 2012 | Thursday | April 5, 2012 |
| 2011 | Thursday | April 21, 2011 |
| 2010 | Thursday | April 1, 2010 |
Note: Holiday dates may vary. Some holidays follow lunar calendars or have different observance dates. Purple indicates weekends.